June 15, 2026

ये बीमारी है या भूत-प्रेत का साया: स्कूल में हुआ कुछ ऐसा कि रोने-तड़पने लगीं छात्राएं, जानिए बागेश्वर का सच

Bageshwar school

राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल रैखोली में विद्यार्थियों के बदहवास होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ ही प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालय पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग के काउंसलर ने विद्यार्थियों की काउंसिलिंग की। विद्यार्थियों को मास हिस्टीरिया (बदहवासी) से ग्रसित पाया गया। कन्या जूनियर हाईस्कूल रैखोली में पढ़ने वाली कुछ बालिकाएं और बालक पिछले दो दिन से बदहवास हो रहे थे। बालिकाएं चिल्ला रही थीं, रो रही थीं। घटना का वीडियो वायरल होने पर लोग कहने लगे कि भूत-प्रेत का साया है।

Bageshwar school

इसकी सूचना मिलने पर बृहस्पतिवार को अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरीश पोखरिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम विद्यालय पहुंची। टीम में काउंसलर संदीप कुमार भी शामिल थे।

Bageshwar school

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम हर गिरी और मुख्य शिक्षाधिकारी गजेंद्र सिंह सौन ने भी विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ ही स्कूल स्टाफ से जानकारी हासिल की। काउंसलर संदीप कुमार ने बताया कि विद्यालय की छह बालिकाएं और दो बालक मास हिस्टीरिया से ग्रसित पाए गए।
Bageshwar school
बताया कि इस स्थिति में एक बच्चे के चीखने-चिल्लाने पर अन्य बच्चे भी देखादेखी में चिल्लाने लगते हैं। मास हिस्टीरिया में शरीर में ऐठन आने के साथ बी बच्चे चिल्लाने लगते हैं।
स्कूल में बैठी छात्राएं
बताया कि विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के साथ ही अभिभावकों की काउंसिलिंग की गई। एसीएमओ डॉ. पोखरिया ने बताया कि एक सप्ताह तक पीएचसी बोहाला का स्टाफ विद्यार्थियों पर नजर रखेगा। सभी विद्यार्थी फिलहाल सामान्य हैं।

You may have missed