August 24, 2026

Uttarakhand: हाथ में दराती लेकर खेत में उतरे डीएम, मंडुवे की फसल काटता देख हैरान हुए लोग, तस्वीरें

डीएम ने काटी फसल

उत्तरकाशी के ज्ञाणजा गांव में शुक्रवार को फसल पर क्रॉप कटिंग प्रयोग होना था। इसके लिए डीएम जब स्थलीय निरीक्षण के लिए पहुंचे तो वो भी हाथ में दराती लेकर खुद फसल काटने लगे। उन्हें ऐसा करता देख वहां के लोग भी हैरान रह गए।

जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने विकासखंड डुंडा के ज्ञाणजा गांव पहुंचकर मंडुवा की फसल पर क्रॉप कटिंग प्रयोग का जायजा लिया। इस दौरान डीएम ने स्वयं भी हाथ में दरांती लेकर मंडुवा की फसल काटी।

डीएम ने बताया कि काश्तकार कमलेश भट्ट के खेत में 300 वर्ग मीटर के हिस्से में 4 किलो 600 ग्राम मंडुवा और कलम देई के खेत में 30 वर्ग मीटर हिस्से में 7 किलो 300 ग्राम मंडुवा की उपज प्राप्त हुई।

डीएम ने कहा कि आज दोनों काश्तकारों के खेतों में निर्धारित वर्ग मीटर में क्रॉप कटिंग की गई। उनका कहना है कि जमीन से जुड़कर काम करने पर ही किसी भी काम की सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है। इसलिए आज उन्होंने भी क्रॉप कटिंग पर हाथ आजमाया।

डीएम ने काटी फसल

बता दें कि मंडुवा का समर्थन मूल्य पिछले वर्ष की तुलना में दो रुपये बढ़ा है। पिछले वर्ष मंडुवे का समर्थन मूल्य 25 रुपये निर्धारित था। जो बढ़ कर 27 रुपये हो गया है। जनपद में 4831 हेक्टेयर कृषि भूमि पर मंडुवे की खेती की जाती है।

डीएम ने काटी फसल

करीब सात हजार किसान इससे जुड़े हुए हैं। झंगोरा, चौलाई व सोयाबीन के समर्थन मूूल्य में कोई परिवर्तन नहीं है। जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने बताया कि जनपद में पारंपरिक फसलों का उत्पादन करीब चार गुना बढ़ा है।
डीएम ने काटी फसल
वर्ष 2021-22 में मंडुवा का उत्पादन 355.13 कुंतल, झंगोरा 99.51 कुंतल, चौलाई 192 कुंतल व सोयाबीन नौ कुंतल उत्पादित हुआ था। जो वर्ष 2020-21 की तुलना चार गुना अधिक है। जिलाधिकारी रूहेला ने कहा कि पारंपरिक फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।

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