चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 14 अगस्त से अगला पड़ाव शुरू हो रहा है। इसके तहत जिन मतदाताओं के वोट पर आपत्तियां लगी हैं, उन्हें नोटिस जारी होंगे। इन पर जवाब देना होगा। चुनाव आयोग ने मतदाताओं को आपत्ति का मौका दिया है, जिसके तहत 13 अगस्त तक आपत्ति जताई जा सकती हैं।
14 अगस्त से आपत्ति करने वाले और मतदाता दोनों को नोटिस जारी होने शुरू होंगे। ये नोटिस ईआरओ या एईआरओ के स्तर से जारी होंगे। ज्यादातर मतदाताओं को लेकर ये आपत्तियां हैं कि वे या तो उस जगह से जा चुके हैं या फिर वहां के निवासी नहीं हैं। आपत्तिकर्ता को अब इस बात का सबूत नोटिस की सुनवाई के दौरान देना होगा जबकि मतदाता अपना प्रमाण देंगे।
सवाल ये है कि अगर किसी मतदाता के अनुपस्थित होने या वहां से जाने को लेकर आपत्ति आई है तो उसमें मतदाता को क्या प्रमाण देना होगा। इन मामलों की सुनवाई ईआरओ करेंगे, जिसमें बीएलओ की भूमिका भी अहम होगी। बीएलओ अपनी रिपोर्ट देंगे, जिससे काफी हद तक यह स्पष्ट होगा कि मतदाता की क्या स्थिति है। दूसरी बात मतदाता कोई ऐसा प्रमाण (जैसे-जमीन के कागज, निवास प्रमाण पत्र आदि) दे सकते हैं, जिससे ये साबित होता हो कि वे वहीं के निवासी हैं।