Muharram 2023: वाराणसी में इन इलाकों से निकलेगा मुहर्रम का ताजिया जुलूस, सोशल मीडिया पर निगरानी,हाई अलर्ट जारी
घरों से लेकर इमामबाड़ों तक मजलिस और मातम के जरिये अजादार खिराजे अकीदत पेश करेंगे। या हुसैन… की सदाएं बुलंद होंगी। खंजर और कमा का मातम होगा। नौहों के साथ देर शाम कर्बला में ताजिये ठंडे होंगे। इससे पहले शुक्रवार को सभी इमाम चौकों पर ताजिये बैठाए दिए गए। जियारत करने और फातिहा पढ़ने वालों की यहां भीड़ उमड़ी रही।

इमाम हुसैन और उनके 71 साथियों की शहादत का गम आज यौमे आशूरा के तौर पर मनाया जाएगा। शनिवार को सुबह कर्बला के शहीदों के नाम पर घरों में फातिहा होगी। शहर और गांव से ताजियों का जुलूस उठेगा। घरों से लेकर इमामबाड़ों तक मजलिस और मातम के जरिये अजादार खिराजे अकीदत पेश करेंगे। या हुसैन… की सदाएं बुलंद होंगी। खंजर और कमा का मातम होगा। नौहों के साथ देर शाम कर्बला में ताजिये ठंडे होंगे। इससे पहले शुक्रवार को सभी इमाम चौकों पर ताजिये बैठाए दिए गए। जियारत करने और फातिहा पढ़ने वालों की यहां भीड़ उमड़ी रही।
शुक्रवार की शाम शहर के तमाम इमाम चौक पर ताजियों की जियारत हुई। दालमंडी, नई सड़क, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, सरैया, जलालीपुरा, जैतपुरा, पीलीकोठी, बड़ी बाजार,शिवाला, बजरडीहा, लोहता, रामनगर आदि इलाकों में देर रात तक ताजियों की जियारत होती रही। मलीदा और शरबत पर नज्र दिलाई गई। शहर के खास ताजिये जैसे रांगे, नगीना, जरी, बुर्राक, पीतल, शीशम, चपरखट के ताजिये की जियारत के लिए खासी भीड़ उमड़ी रही। शहर में सरैया इमामबाड़ा, दरगाहे फातमान, शिवाला पर शनिवार को ताजिये ठंडे होंगे।
इमाम ने आखिरी वक्त तक नहीं छोड़ी नमाज
मरकजी सीरत कमेटी की ओर से नई सड़क स्थित खजूर वाली मस्जिद परिसर में चल रहे जिक्रे शोहदा-ए-कर्बला में उलेमा ने तकरीर पेश की। मौलाना अमीरुद्दीन कादरी ने कहा कि इमाम हुसैन ने आखिरी वक्त तक नमाज नहीं छोड़ी। वैसे ही उनके खानदान की औरतों ने पर्दा नहीं छोड़ा। हमें भी इसका पालन करना चाहिए। सादिक बनारसी, हाफिज ताज बनारसी, राशिद फसाहती आदि शायरों ने कलाम पेश किए।
