गुजरात के भावनगर से कुरुती बराड़ अपने जन्मदिन पर चचेरी बहन उर्वी बराड़ के साथ बाबा केदारनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लेने आई थी। दोनों बहनों ने बाबा केदार के दर्शन किए। दर्शन कर लौटते वक्त हेलीकॉप्टर हादसे में दोनों बहनों की जान चली गई।
बता दें कि केदारघाटी के गुप्तकाशी (मस्ता) के पास मंगलवार को हेलीकॉप्टर हादसे में पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई। हादसे में दोनों बहनों की भी मौत हो गई। दोनों बहनों के शव बुधवार को हरिद्वार पहुंचे।
शवों की बृहस्पतिवार को खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट में अंत्येष्टि की जाएगी। दोनों बहनें गुजरात के भावनगर की रहने वाली थी। परिवार के कई लोग हरिद्वार पहुंच चुके हैं।
एसडीएम पूरन सिंह राणा ने बताया कि कुरुती बराड़ (30) पुत्री कमलेश और उर्वी बराड़ (25) पुत्री जयेश चचेरी बहनें हैं। परिवारजनों ने हरिद्वार में अंत्येष्टि की इच्छा जताई थी। कुरुती के पिता कमलेश और कई परिवारजन भी बुधवार को ही हरिद्वार पहुंच गए थे।
परिवार की इच्छा के अनुसार ही चचेरी बहनों के शव बुधवार अपराह्न साढ़े चार बजे हरिद्वार भल्ला कॉलेज में हेलीकॉप्टर से पहुंचे। परिवारजनों ने शवों को रिसीव किया। प्रशासन ने दोनों शवों को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है।
एसडीएम ने बताया कि परिवार के सभी सदस्यों की वेद निकेतन में ठहरने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की ओर से उनकी पूरी मदद की जा रही है। दोनों शवों की बृहस्पतिवार को खड़खड़ी स्थित श्मशान घाट पर अंत्येष्टि की जाएगी। परिवार के कुछ लोग बृहस्पतिवार सुबह तक हरिद्वार पहुंचने वाले हैं। परिवार के सभी लोगों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया जाएगा। संभावना है कि सुबह 11 बजे तक अंत्येष्टि होगी।
हादसे में मारी गई दोनों चचेरी बहनें हैं लेकिन रुद्रप्रयाग नगर पालिका परिषद ने गलती से दोनों को सगी बहनें समझकर पुत्री कमलेश का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी कर दिया। परिवारजनों ने जब गलत प्रमाणपत्र जारी होने की जानकारी दी तो उर्वी का मृत्यु प्रमाणपत्र संशोधित कर पुत्री जयेश जारी किया गया।