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शनिवार को मेयर हेमलता नेगी की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड बैठक में 21 बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस दौरान पार्षदों ने 23. 89 लाख रुपये के घोटालों का खुलासा करने के लिए नगर आयुक्त की प्रशंसा की।
पार्षद अमित नेगी ने नगर आयुक्त की कार्यशैली की सराहते कहा कि पहले भी निगम में कई घोटाले हुए हैं लेकिन किसी भी आयुक्त ने कार्रवाई नहीं की। पहली बार कोई नगर आयुक्त शहर में बेहतर कार्य कर रहा है लेकिन कुछ व्यापारी और खनन माफिया उनका विरोध कर रहे हैं। पार्षद कमल नेगी और सुखपाल शाह ने कहा कि जब तक 23.89 लाख रुपये के घोटाले की जांच चल रही है, मामले में संलिप्त कर्मचारियों को निगम के कार्य से हटा देना चाहिए।
सिंचाई गूलों पर हुई चर्चा में मेयर हेमलता नेगी ने कहा कि पार्षद को विकास कार्यों के लिए मिले बजट में से वे अपने वार्ड में सिंचाई गूलों का निर्माण करा सकते हैं। बोर्ड बैठक में इसके अलावा पर्यावरण मित्रों का मानदेय 500 रुपये करने, हटाए गए सफाई कर्मियों, लावारिस गोवंश, अतिक्रमण मुक्त स्थान पर फुटपाथ बनाने, भवन कर, भवन निर्माण में एनओसी शुल्क, स्ट्रीट लाइटों की खरीद, वित्तीय स्वीकृति समेत कई मुददों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर नगर आयुक्त केएस नेगी, सहायक नगर आयुक्त अजहर अली, कोषाधिकारी निकिता बिष्ट समेत नगर निगम के सभी पार्षद मौजूद थे।
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अपात्र लोगों को दिया आवास योजना का लाभ : पार्षद सौरभ
पार्षद सौरभ नौडियाल ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर हो रही अनियमितताओं पर सवाल उठाए। आरोप लगाया कि नगर निगम क्षेत्र में जिन लोगों के दो मंजिला टाइल्स लगे हुए मकान पहले से हैं उनके नाम पर आवास योजना की किश्त जारी हो रही है। आरोप लगाया कि निगम के कर्मचारियों ने 20,000 रुपये लेकर अपात्र लोगों को योजना का लाभ पहुंचाया है। पार्षद ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। मेयर हेमलता नेेगी और नगर आयुक्त ने मामले की गंभीरता से जांच कराने का आश्वासन दिया।
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कूड़ा वाहनों के नाम पर शुल्क वसूले का किया विरोध
बोर्ड बैठक में घर-घर जाकर कूड़ा एकत्र कर रहे वाहनों के नाम पर लोगों से शुल्क वसूलने का सभी पार्षदों ने विरोध किया गया। कहा कि उन्हें दस साल तक किसी भी तरह का शुल्क नहीं लिए जाने का आश्वासन दिया गया था। कहा कि सीवर लाइन बिछाने के बाद ही सफाई के नाम पर किसी प्रकार का शुल्क दिया जाएगा।