रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सीमांत क्षेत्र चमोली और उत्तरकाशी के नेलांग घाटी में चार मोटर पुलों का वर्चुअल उद्घाटन किया। उन्होंने कुलसारी में कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे पर तीन और नेलांग में एक पुल का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में इन पुलों के साथ ही देश के 72 अन्य परियोजनाओं का भी लेह घाटी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इन पुलों के बनने से भारत-चीन सीमा तक सेना की आवाजाही सुगम हो सकेगी साथ ही सेना के बड़े वाहन आसानी से सीमा तक जा सकेंगे।
कर्णप्रयाग-ग्वालदम हाईवे पर तीनों पुलों का निर्माण बीआरओ के 66 आरसीसी कमान गौचर की ओर से किया गया है। कुलसारी में हाईवे पर बने पुल की लंबाई 50 मीटर, थराली में कुसेरी पुल की 40 मीटर और लोल्टी में बने पुल की 35 मीटर है। उत्तराखंड में शिवालिक प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर बिग्रेडियर राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि सीमा सड़क संगठन ने इन तीन पुलों का निर्माण मात्र डेढ़ साल में किया है।
वर्चुअली उद्घाटन के बाद कुलसारी में सांसद प्रतिनिधि राकेश कुमार डिमरी, थराली के कुसेरी पुल का विधायक भूपाल राम टम्टा एवं लोल्टी पुल का पूर्व विधायक मुन्नी देवी शाह ने फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। वहीं उत्तरकाशी जिले के सीमांत क्षेत्र नेलांग घाटी में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पागल नाला पर पुल निर्माण कार्य पूरा गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नवनिर्मित पुल का वर्चुअल उद्घाटन कर सेना को समर्पित किया। पागल नाला पर पुुल निर्माण के बाद अब भारी बरसात और भूस्खलन से नेलांग घाटी सड़क बंद नहीं होगी।