अब देहरादून में प्लॉट-घर खरीदना हुआ सस्ता और आसान, MDDA खुद करेगा प्लॉटिंग

राजधानी बनने के बाद देहरादून में जमीनों-फ्लैट की मांग तेजी से बढ़ी है। हर कोई देहरादून जैसे शहर में बसने का ख्वाब देखता है, लेकिन कई बार प्लॉट महंगे होने और आवासीय परियोजनाओं में होने वाली गड़बड़ी के चलते लोग मन मसोस कर रह जाते हैं। ऐसे लोगों को एमडीडीए बड़ी राहत देने वाला है। अब मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) दून में खुद प्लॉटिंग करेगा, साथ ही सस्ते दामों पर प्लॉट बेचेगा। ये फैसला उपभोक्ताओं के साथ-साथ एमडीडीए के लिए भी फायदेमंद है। क्योंकि आवासीय परियोजनाओं में बिक्री में होने वाली गड़बड़ी के चलते इसमें एमडीडीए का करोड़ों रुपया फंसा हुआ है, जिसका हर महीने लाखों रुपये ब्याज चुकाना पड़ रहा है। बुधवार को प्राधिकरण की बोर्ड बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोर्ड ने मुहर लगाई। प्राधिकरण के लिए गले की हड्डी बनी आवासीय परियोजनाओं के निपटारे के लिए समिति का गठन किया गया है। कमेटी बोर्ड में अपना प्रस्ताव देगी, जहां से मंजूरी के बाद उसे शासन को भेजा जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने कहा कि ग्रुप हाउसिंग में प्राधिकरण ने करोड़ों रुपये लगाए हैं। आमवाला तरला में करीब 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस परियोजना को पहले बेचने का फैसला लिया गया है।
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इसको बेचने के बाद जो रकम आएगी, उससे शेष 10 फीसदी काम किए जाएंगे। बैठक में पूरी परियोजना को एकमुश्त बेचने, नीलामी करने, थर्ड पार्टी को बेचने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। बोर्ड ने कहा कि करोड़ों रुपये लगाने के बावजूद प्राधिकरण की आवासीय योजना नहीं बिक रही है। ऐसे में बोर्ड ने ग्रुप हाउसिंग के बजाय सस्ते दामों पर प्लॉटिंग करने का फैसला लिया है। इन प्लॉटों का आवंटन किस तरह किया जाएगा, इसकी योजना बाद में अलग से तैयार की जाएगी। योजना के तहत प्राधिकरण अपनी जमीनों को विकसित करेगा। इसके अलावा प्राइवेट जमीनों को खरीदकर या अधिग्रहण कर उन पर प्लॉटिंग की जाएगी। दून में हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में ठगी के मामले आए-दिन सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्राधिकरण खुद प्लॉटिंग करेगा, तो इस तरह की गड़बड़ियां नहीं होंगी। दून में हुई बोर्ड बैठक में गढ़वाल कमिश्नर व एमडीडीए अध्यक्ष रविनाथ रमन, उपाध्यक्ष बृजेश कुमार संत और अपर सचिव वित्त नमिता जोशी समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।